नेत्र संबंधी रोग से मुक्ति एवं दृस्टि बढ़ाने वाला मन्त्र
प्रस्तुत मंत्र नेत्र स्वास्थ्य और ज्योति के संरक्षण के लिए एक आध्यात्मिक उपाय प्रस्तुत करता है। यह मंत्र ऋग्वेद के 10वें मण्डल के 158वें सूक्त से लिया गया है और सूर्यदेव से उत्तम चक्षु (आंखें) प्रदान करने की प्रार्थना करता है। इसका उच्चारण और अभ्यास न केवल नेत्र संबंधी कष्टों से मुक्ति पाने में मदद … Read more