Yen badho bali raja -येन बद्धो बली राजा

येन बद्धो बली राजा दानवेन्द्रो महाबलः। तेन त्वाम् अभिबध्नामि रक्षे मा चल मा चल॥ यह मंत्र “येन बद्धो बली राजा दानवेन्द्रो महाबलः। तेन त्वाम् अभिबध्नामि रक्षे मा चल मा चल॥” हिन्दू धर्म में एक बहुत ही प्रसिद्ध और शक्तिशाली मंत्र है, जो रक्षा बंधन या अन्य सुरक्षात्मक अनुष्ठानों में उपयोग किया जाता है। इस मंत्र … Read more

धर्मो रक्षति रक्षितः

“धर्मो रक्षति रक्षितः” एक संस्कृत श्लोक है जिसका अर्थ है “धर्म की रक्षा करने वाला व्यक्ति स्वयं धर्म द्वारा रक्षित होता है।” यह श्लोक महाभारत के शांति पर्व से लिया गया है और इसका उपदेश यह है कि जो व्यक्ति धर्म के मार्ग पर चलता है और धर्म की रक्षा करता है, वह स्वयं भी … Read more

मां काली का मंत्र और उनके फायदे

Maa Kali mantra aur unke fayde

देवी काली हिन्दू धर्म में शक्ति और महाशक्ति की एक प्रमुख देवी हैं, जिन्हें महाकाली, भद्रकाली, और कालिका जैसे विभिन्न नामों से भी जाना जाता है। वे देवी दुर्गा के दस महाविद्याओं में से एक हैं और उन्हें अक्सर समय, मृत्यु, और विनाश की देवी के रूप में पूजा जाता है। उनकी पूजा मुख्य रूप … Read more

सप्तश्लोकी दुर्गा अर्थ सहित

Saptshloki Durga Strot

सप्तश्लोकी दुर्गा, दुर्गा सप्तशती का एक संक्षिप्त रूप है, जिसमें माता दुर्गा की स्तुति के सात श्लोक होते हैं। यह सात श्लोक भक्तों को आध्यात्मिक शक्ति प्रदान करने के लिए और संकटों से रक्षा के लिए पाठ किये जाते हैं। यह देवी महात्म्य का एक छोटा संस्करण है जो मार्कण्डेय पुराण में पाया जाता है। … Read more

ऋणहर्ता गणेश स्तोत्र

Rinharta Ganesh strot

ऋणहर्ता गणेश स्तोत्र “ऋणहर्ता गणेश स्तोत्र” भगवान गणेश को समर्पित एक भक्तिपूर्ण स्तोत्र है, जिन्हें ऋण हर्ता (ऋण निवारणकर्ता) के रूप में पूजा जाता है। इस स्तोत्र के नियमित पाठ से भक्तों को आर्थिक ऋण और कठिनाइयों से उबरने में मदद मिलती है, साथ ही नए आय के स्रोतों को आकर्षित करने और समृद्धि प्राप्त … Read more

Shiv Dhyan Mantra- शिव ध्यान मंत्र

Shiv Dhyan Mantra

Shiv Dhyan Mantra शिव ध्यान मंत्र (Shiv Dhyan Mantra) भगवान शंकर के गुण की महिमा का गुणगान करता है। यह श्लोक का पथ बागवन शिव के दिव्य एवं उनकी अनंत शक्तियों की स्तुति करना माना जाता है।  यह श्लोक की स्तुति  करने से भगवान शिव की कृपा एवं जीवन में सुख समृद्धि की प्राप्ति एवं … Read more

Ekatmata Mantra: एकात्मता मंत्र अर्थ, स्त्रोत, PDF और Lyrics

यं वैदिका मन्त्रदृशः पुराणा इन्द्र यमं मातररिश्वानमाहुः । वेदान्तिनो ऽनिर्वचनीयमेकं यं ब्रह्मशब्देन विनिर्दिशन्ति || १ || शैवा यमीशं शिव इत्यवोचन् यं वैष्णवा विष्णुरिति स्तुवन्ति । बुद्धस्तथाऽर्हन्निति बौद्धजैनाः सत्श्री अकालेति च सिक्ख संत ||२|| शास्तेति केचित् कतिचित् कुमारः स्वामीति मातेति पितेति भक्त्या ।  प्रार्थयन्ते जगदीशितारं यं स एक एव प्रभुरद्वितीयः ||३|| एकात्मता मंत्र का अर्थ एकात्मता … Read more

Bhojan Mantra- मंत्र जिसके पढ़ने से खाना पवित्र हो जाता है।

Bhojan mantra

भोजन मंत्र (Bhojan Mantra) भोजन मंत्र (Bhojan Mantra) एक पवित्र वचन होता है जिसे भोजन करने से पहले पढ़ा जाता है, इसका उद्देश्य भोजन के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करना और भोजन को पवित्र मानना है। ॐ यन्तु नदयो वर्षन्तु पर्जन्याः । सुपिप्पला ओषधयो भवन्तु ।  अन्नवतामोदनवतामामिक्षवताम्। एषां राजा भूयासम् । ओदनमुद्ब्रुवते परमेष्ठी वा एषः यदोदनः। … Read more

प्रातः स्मरण मंत्र अर्थ सहित

Pratah Smaran Mantra

प्रातः स्मरण मंत्र प्रातः स्मरण मंत्र एक ध्यान और आत्मचिंतन का तरीका है जिससे दिन की शुरुआत ताजगी और शांति से हो। यह मानव चेतना को स्थिर और संतुलित रखने में मदद कर सकता है और उसे आत्मज्ञान की दिशा में ले जाने में सहायक हो सकता है। इसके अलावा, यह आध्यात्मिक विकास और अध्यात्मिक … Read more

शांति पाठ: आध्यात्मिक मंत्र और श्लोक का अर्थ एवं महत्व | Shanti Path: Adhyatmik Mantra aur Shlok

Shanti Paath

ॐ द्यौ: शान्तिरन्तरिक्षँ शान्ति:, पृथ्वी शान्तिराप: शान्तिरोषधय: शान्ति:। वनस्पतय: शान्तिर्विश्वे देवा: शान्तिर्ब्रह्म शान्ति:, सर्वँ शान्ति:, शान्तिरेव शान्ति:, सा मा शान्तिरेधि। ॐ शान्ति: शान्ति: शान्ति:॥ शांति पाठ एक प्राचीन वैदिक मंत्र है जिसका उद्देश्य सर्वत्र शांति की स्थापना है। यह मंत्र विशेष रूप से यज्ञ, पूजा, और अन्य धार्मिक कृत्यों के समापन पर पाठ किया जाता … Read more