धर्मो रक्षति रक्षितः
“धर्मो रक्षति रक्षितः” एक संस्कृत श्लोक है जिसका अर्थ है “धर्म की रक्षा करने वाला व्यक्ति स्वयं धर्म द्वारा रक्षित होता है।” यह श्लोक महाभारत के शांति पर्व से लिया गया है और इसका उपदेश यह है कि जो व्यक्ति धर्म के मार्ग पर चलता है और धर्म की रक्षा करता है, वह स्वयं भी … Read more